Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 2(February 2026)
Author(s): दिनेश कुमार दुबे
Abstract:
भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरूआत 8 अप्रैल 2015 को की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म और छोटे उद्यमों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि, छोट/सूक्ष्म उद्यमों को ऋण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे अपने व्यवसाय शुरू कर सकें या उसमें विस्तार कर सकें। योजना के अंतर्गत ऋण वितरण राष्ट्रीयकृत बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, माइक्रो फाइनेंस इंडस्टीट्यूट (MFIs) के माध्यम से किया जाता है। मुद्रा योजना के तहत तीन श्रेणियों में विभिन्न दरों पर ऋण प्रदान किया जाता है, जिसमें शिशु, किशोर व तरूण प्रमुख हैं। PMMY ने देश के युवाओं के लिए क्रेडिट तक औपचारिक और सब्सिडी वाली पहुंच के रास्ते खोले हैं। इसका उद्देश्य पिरामिड के निचले तबके को पूरा करना और युवा कुशल श्रमिकों को पहली पीढ़ी के उद्यमी बनाने में सहायता करने के साथ ही मौजूदा छोटे व्यवसायों के विस्तार को और भी अधिक सुविधाजनक बनाना है, ताकि रोजगार के विभिन्न अवसरों को सृजित किया जा सके। PMKVY के अंतर्गत जो प्रशिक्षित उम्मीदवार अपना खुद का उद्यम खोलना चाहते हैं, लेकिन क्रेडिट तक औपचारिक सब्सिडी वाली पहुंच न होने के कारण, कई उम्मीदवार प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी अपना व्यवसाय स्थापित करने में असमर्थ हैं ऐसे उम्मीदवारों को मुद्रा योजना उनकी मदद करती है, जिन्हें अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्त की आवश्यकता है I
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How to Cite this Article:
दिनेश कुमार दुबे. रोजगार के सृजन में भारत सरकार की मुद्रा योजना का योगदान (मध्य प्रदेश राज्य के संदर्भ में). Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(2):96-98,