Journal: Int. J Adv. Std. & Growth Eval.
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Impact factor (QJIF): 8.4 E-ISSN: 2583-6528
INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION
VOL.: 5 ISSUE.: 2(February 2026)
Author(s): अमित कुमार एवं डॉ. रमेश यादव
Abstract:
यह शोधपत्र हिंदी बाल साहित्य में प्रकाश मनु के योगदान और उनके साहित्य में निहित संवेदनशीलता, भाषा व शिल्पगत विशेषताओं का विश्लेषण करता है। बाल साहित्य बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रकाश मनु ने अपनी कविताओं, कहानियों, उपन्यासों और नाटकों के माध्यम से बच्चों की संवेदनाओं को गहराई से समझते हुए साहित्य रचा है। शोध में यह पाया गया कि उनकी रचनाओं में मासूमियत, मित्रता, सहानुभूति और नैतिकता प्रमुख रूप से दिखाई देती हैं। उनकी भाषा सरल, कथानक रोचक और पात्र जीवंत हैं, जो बच्चों की कल्पना, जिज्ञासा और सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करते हैं। उनके उपन्यास में दोस्ती, सहयोग और समाजिक स्वीकार्यता जैसे मूल्य संवेदनशील रूप से प्रस्तुत किए गए हैं। शिल्पगत दृष्टि से उनकी रचनाएँ हास्य, व्यंग्य, संवाद शैली और दृश्यात्मकता में समृद्ध हैं। उनका साहित्य बच्चों को केवल मनोरंजन नहीं देता, बल्कि उन्हें जीवन के नैतिक और सामाजिक मूल्यों से परिचित भी कराता है। अंततः, यह शोध यह सिद्ध करता है कि प्रकाश मनु का बाल साहित्य हिंदी साहित्य में संवेदनशीलता, शिक्षा और सृजनात्मकता का एक सशक्त माध्यम है, जिसने हिंदी बाल साहित्य को आधुनिक संदर्भों में नई दिशा दी है।
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Pages: 126-129 | 17 View | 3 Download
How to Cite this Article:
अमित कुमार एवं डॉ. रमेश यादव. प्रकाश मनु का बाल साहित्य: संवेदनशीलता, भाषा और शिल्पगत विशेषताओं के नए आयाम. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(2):126-129,