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INTERNATIONAL JOURNAL OF
ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION

Impact factor (QJIF): 8.4  E-ISSN: 2583-6528


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INTERNATIONAL JOURNAL OF ADVANCE STUDIES AND GROWTH EVALUATION


VOL.: 5 ISSUE.: 7(July 2026)

रामकथा आधारित आधुनिक हिंदी कविताओं के नए आयाम


Author(s): Dr. Vijeta Laxmi


Abstract:

रामकथा भारतीय काव्य-परंपरा की सर्वाधिक जीवंत एवं शाश्वत धारा रही है, जिसने प्रत्येक युग में नए रूपों और नए अर्थों को आत्मसात् किया है। प्रस्तुत शोध-पत्र आधुनिक हिंदी कविता में रचित रामकथा-साहित्य के नए आयामों का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें यह देखने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार आधुनिक रचनाकारों ने परंपरागत रूप से गौण या उपेक्षित माने गए पात्रों-जैसे कैकेयी, शूर्पणखा, शम्बूक और उर्मिला-को केंद्र में लाकर कथा की पुनर्व्याख्या की है। साथ ही यह भी विश्लेषित किया गया है कि स्त्री-विमर्श, मनोवैज्ञानिक अंतर्द्वंद्व, राम के चरित्र का मानवीकरण, राष्ट्रीय-सामाजिक चेतना तथा विधागत विविधता जैसे तत्त्वों ने रामकाव्य-परंपरा को किस प्रकार समृद्ध किया है। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि रामकथा की स्थायित्व-शक्ति उसकी कथावस्तु की स्थिरता में नहीं, बल्कि उसकी असीमित व्याख्या-क्षमता में निहित है, जिसके कारण यह कथा हर युग की वैचारिक आवश्यकताओं से संवाद करने में सक्षम रही है।

keywords:
रामकथा, आधुनिक हिंदी कविता, रामकाव्य, स्त्री-विमर्श, हाशिए के पात्र, मानवीकरण, राष्ट्रीय चेतना, खंडकाव्य, महाकाव्य, पुनर्व्याख्या।

Pages: 89-91     |    12 View     |    1 Download

How to Cite this Article:

Dr. Vijeta Laxmi. रामकथा आधारित आधुनिक हिंदी कविताओं के नए आयाम. Int. J Adv. Std. & Growth Eval. 2026; 5(7):89-91,